उत्तराखंड में सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। राज्य सरकार ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘मेरा केवाईसी’ ऐप जारी किया है, जिसके जरिए उपभोक्ता घर बैठे अपने राशन कार्ड की ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय पर ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन वितरण में दिक्कत आ सकती है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी जिलों में राशन कार्ड धारकों और कार्ड में दर्ज सभी यूनिटों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। इसके लिए संबंधित सदस्य का आधार नंबर और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर होना जरूरी है, क्योंकि सत्यापन के दौरान मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर, एप स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट से ‘मेरा केवाईसी’ ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके साथ ‘आधार फेसआरडी’ ऐप भी इंस्टॉल करना जरूरी है। लॉगिन करने के बाद राज्य के विकल्प में उत्तराखंड का चयन कर आधार नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फेस केवाईसी के दौरान उपभोक्ता को कैमरे के सामने समान दूरी पर चेहरा रखते हुए आंखों की पलकें झपकानी होंगी। सफल सत्यापन के बाद ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो रही है, वे राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र या राशन की दुकान पर जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं।
