देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण की प्रगति बेहद धीमी और चिंताजनक सामने आई है। 11 दिनों के भीतर राज्य के 11 नगर निगमों में जनगणना कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है। कुल 29,631 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में से अब तक केवल 14,355 में ही प्रक्रिया की शुरुआत हो सकी है।

जनगणना निदेशालय ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी जिलों को पत्र जारी कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्व-गणना कराई गई थी, जिसमें लगभग 60 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद 25 अप्रैल से घर-घर जाकर गणना का पहला चरण शुरू किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी।

स्थिति यह है कि देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर, कोटद्वार, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, रुड़की और हरिद्वार जैसे 11 नगर निगमों में अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। रुद्रपुर और हरिद्वार में केवल एक-एक एचएलबी की गणना पूरी हुई है।

जिलों की स्थिति भी निराशाजनक है। पिथौरागढ़ में सर्वाधिक 4.39 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ, जबकि उत्तरकाशी में 0.42%, चमोली में 1.23%, रुद्रप्रयाग में 2.77%, टिहरी में 0.55% और देहरादून में शून्य प्रगति दर्ज की गई। अन्य जिलों में भी आंकड़े बेहद कम हैं।

जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस सुस्ती ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया में कितनी तेजी लाई जा पाती है।