देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की ₹63.30 लाख मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि पेपर लीक गिरोह ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे। जांच एजेंसी के अनुसार हाकम सिंह रावत ने अभ्यर्थियों से लगभग ₹95 लाख की अवैध राशि प्राप्त की। इसके बाद इस रकम को वैध दिखाने के लिए विभिन्न बैंकिंग लेन-देन, नकद निवेश और कृषि आय का सहारा लिया गया।

जांच के दौरान ईडी ने उत्तराखंड और अन्य राज्यों में कुल 14 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, नकदी और संपत्तियों से जुड़े कई रिकॉर्ड बरामद किए गए, जिनके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह मामला वर्ष 2021 की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (VDO/VPDO) के पेपर लीक और वर्ष 2016 की VDO/VPDO भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इन मामलों की जांच पहले से विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं, जिसके बाद ईडी ने धन शोधन के पहलू की जांच शुरू की थी।

ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों, अवैध लेन-देन तथा संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

UKSSSC पेपर लीक मामला उत्तराखंड की सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में से एक माना जाता है। इस मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। अब ईडी की इस कार्रवाई को मामले में अवैध कमाई पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

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