देहरादून। उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने हरिद्वार को तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाओं की सौगात दी है। रेलवे मंत्रालय ने बांद्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार करने के साथ ही हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को मंजूरी दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इन फैसलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन महत्वपूर्ण फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की अहम भूमिका है। नई रेल सेवाओं और मौजूदा ट्रेनों के विस्तार से प्रदेश में आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
हरिद्वार को मिलने वाली इन रेल सेवाओं को आगामी कुंभ और प्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल है और चारधाम यात्रा के लिए भी प्रवेश द्वार की भूमिका निभाता है। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों से हरिद्वार की सीधी रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगातार रेल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इससे पहले भी उत्तराखंड में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके अलावा हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना पर भी काम जारी है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार राज्य में 11 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य किया जा रहा है।
हरिद्वार में आगामी कुंभ को देखते हुए रेलवे से जुड़ी सुविधाओं और सेवाओं का विस्तार विशेष महत्व रखता है। नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा सेवाओं के विस्तार से यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, बेहतर रेल संपर्क से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
