बनबसा/चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा की गई और कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों, कुक्कुट पालकों, निजी विश्वविद्यालयों, नजूल भूमि और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। कैबिनेट के फैसलों में युवाओं के लिए 200 करोड़ रुपये की स्किल डेवलपमेंट योजना सबसे प्रमुख रही।

बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को डिग्री के साथ रोजगारपरक और तकनीकी कौशल उपलब्ध कराने के लिए स्किल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समेत नई तकनीकों और रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप आवश्यक कौशल को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के स्किल आधारित कोर्स कराए जाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योग और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर

कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए स्किल आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इनमें एआई, नई तकनीक, डिजिटल दक्षता और रोजगार से जुड़ी अन्य आवश्यक स्किल को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद रोजगार के लिए अतिरिक्त तैयारी करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की बात कही गई है। कैबिनेट का यह फैसला उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी

कैबिनेट ने डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों और प्रशिक्षण ले रहे चिकित्सकों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत मानव संसाधन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

प्रदेशभर में नजूल भूमि के नियमितीकरण का अभियान

बैठक में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार प्रदेशभर में नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए अभियान चलाएगी। अब यह प्रक्रिया केवल खटीमा, बनबसा और चंपावत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि को भी इसके दायरे में लाया जाएगा।

नजूल भूमि के नियमितीकरण से लंबे समय से इस तरह की भूमि से जुड़े मामलों का समाधान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इस संबंध में अभियान चलाकर पात्र मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

वन विभाग के मामलों के लिए पीएमयू बनाने पर निर्णय

वन विभाग से जुड़े मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाने का भी फैसला लिया गया। सरकार का मानना है कि वन भूमि, परियोजनाओं और विभाग से संबंधित विभिन्न मामलों में प्रक्रियात्मक देरी को कम करने के लिए बेहतर संस्थागत व्यवस्था की जरूरत है। पीएमयू के माध्यम से ऐसे मामलों की निगरानी और समन्वय को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य

कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण देने से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है। बैठक में समूह क, ख और ग के कर्मचारियों के संपत्ति विवरण को लेकर प्रावधानों को मंजूरी दी गई।

बताया गया कि कर्मचारियों को निर्धारित व्यवस्था के तहत अपनी संपत्ति का विवरण देना होगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। बैठक में संपत्ति विवरण से संबंधित अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए प्रावधानों पर भी निर्णय लिया गया।

पहाड़ के 2,000 कुक्कुट पालकों को मिलेगा लाभ

पहाड़ी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया। सरकार की ओर से दी जाने वाली यह सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में पहुंचाई जाएगी।

सरकार के अनुसार इस योजना से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा। इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। पहाड़ी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन से जुड़े लोगों के लिए फीड की लागत एक महत्वपूर्ण चुनौती रहती है। ऐसे में सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता से उत्पादन लागत कम करने और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों में बेहतर समन्वय

कैबिनेट ने पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया। तीनों विभागों के बेहतर तालमेल के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने को मंजूरी दी गई है।

सरकार का उद्देश्य पशुपालन, मत्स्य और डेयरी से संबंधित योजनाओं और कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करना है। तीनों क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने से योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है।

नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। नए कार्यालय की स्थापना से क्षेत्र के लोगों को जमीन और पंजीकरण से संबंधित कार्यों के लिए दूसरी जगह जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे स्थानीय स्तर पर पंजीकरण सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

टीडीसी को 66 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज

बैठक में टीडीसी के लिए 66 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज को भी मंजूरी दी गई। सरकार की ओर से इसे संस्थान की जरूरतों और उससे जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैबिनेट के इस फैसले से संबंधित संस्था को आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।

प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी का पद समूह-ख में

कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल के अधिकारी पद को समूह-ख में करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सरकार के इस फैसले से पद की श्रेणी और इससे जुड़े सेवा प्रावधानों में बदलाव होगा। प्रांतीय रक्षक दल से जुड़े अधिकारियों के लिए इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में बदलाव

कैबिनेट बैठक में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। सरकार ने निजी विश्वविद्यालय बनाने के लिए भूमि संबंधी नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। पहले निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती थी। अब 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर भी विश्वविद्यालय स्थापित किया जा सकेगा।

इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की व्यवस्था को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता आसान होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थानों और निवेश को प्रोत्साहित करना बताया गया है।

कैबिनेट बैठक में कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिए गए फैसलों में युवाओं के कौशल विकास से लेकर सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता, कृषि एवं पशुपालन से जुड़े लोगों को सहायता, उच्च शिक्षा के विस्तार और प्रशासनिक सुधार तक कई विषय शामिल रहे। विशेष रूप से 200 करोड़ रुपये की स्किल डेवलपमेंट योजना को युवाओं के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं को देखते हुए युवाओं को पारंपरिक डिग्री के साथ आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। एआई और अन्य नई तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने की कोशिश की जाएगी। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए प्रदेशव्यापी अभियान, वन विभाग के मामलों के लिए पीएमयू, कर्मचारियों के संपत्ति विवरण से जुड़े नियमों में संशोधन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसे फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना बताया गया है। वहीं निजी विश्वविद्यालयों के लिए भूमि और गारंटी फंड से जुड़े नियमों में बदलाव से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

कुल मिलाकर बनबसा में हुई धामी कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान सरकार ने युवाओं, कर्मचारियों, किसानों-कुक्कुट पालकों, उच्च शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। सरकार इन निर्णयों को प्रदेश में रोजगार, कौशल विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधार को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।