पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में क्रमशः तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को मिली करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया है। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।”

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के साथ हालिया मुलाकातों की तस्वीरें भी साझा कीं। दोनों नेताओं को हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में अपनी-अपनी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।

गौरतलब है कि बंगाल चुनाव परिणाम आने के बाद अखिलेश यादव ने कोलकाता पहुंचकर ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट स्थित आवास पर उनका स्वागत किया। इस मुलाकात को विपक्षी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी दल अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने पर चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव “उत्तर प्रदेश मॉडल” की तर्ज पर “डरा-धमकाकर” और “हेरफेर” के जरिए कराए गए। उन्होंने भाजपा पर वोटों की “डकैती” का भी आरोप लगाया।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भी 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया था। उन्होंने कुंदरकी, रामपुर और मिल्कीपुर जैसे क्षेत्रों के चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मतगणना के दौरान सपा कार्यकर्ताओं को जबरन बाहर किया गया और फर्जी मतदान कराया गया। अखिलेश ने विश्वास जताया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पीडीए गठबंधन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा।