कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टुड्डू और नीशीथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह स्थल पर सुबह से ही भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जहां “जय श्री राम” के नारों और भगवा झंडों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।
भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है। वहीं, पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में की थी, बाद में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार बने और ग्रामीण बंगाल में पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, 2020 में मतभेदों के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। वर्ष 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद वह भाजपा के सबसे बड़े बंगाली चेहरों में उभरे।
पूर्व मेदिनीपुर जिले से आने वाले अधिकारी पिछले पांच दशकों में बंगाल के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं, जो कोलकाता के पारंपरिक राजनीतिक केंद्र से बाहर के क्षेत्र से उभरे हैं।
