नैनीताल। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा एक पूर्व सैनिक अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त किए जाने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। हाईकोर्ट के इस कदम से पूर्व सैनिकों के आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने यूकेएसएसएससी की भर्ती प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी करते हुए आवेदन किया था, लेकिन आयोग ने पूर्व सैनिक संबंधी प्रावधानों का हवाला देते हुए उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया। याचिका में इस निर्णय को मनमाना और नियमों के विपरीत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है। अभ्यर्थी ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा। अदालत ने यह जानना चाहा कि किन नियमों और आधारों पर अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि संबंधित प्रावधानों का पालन किस प्रकार किया गया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को आरक्षण और भर्ती में मिलने वाले लाभ को लेकर पहले भी न्यायालय महत्वपूर्ण टिप्पणियां कर चुका है। ऐसे में इस मामले का फैसला भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं और पूर्व सैनिक अभ्यर्थियों के अधिकारों पर असर डाल सकता है। फिलहाल सभी पक्षों के जवाब के बाद हाईकोर्ट मामले की अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई तय करेगा।
