देहरादून। देहरादून में दो हजार नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहा नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के मौके पर भी आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। करीब 50 घंटे तक चार नर्सिंग बेरोजगारों और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर डटे रहने से प्रशासन में हड़कंप मचा रहा।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद साथियों ने उन्हें समय रहते रोक लिया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी।
देहरादून में नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले नर्सिंग बेरोजगार पिछले 159 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक 12 बेरोजगारों की तबीयत बिगड़ चुकी है, जिनमें चार को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। सोमवार सुबह पांच बजे कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला समेत विनोद, आनंद पाल, कविता पुंडीर और धर्मेंद्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे, जबकि अन्य प्रदर्शनकारी नीचे धरने पर बैठे रहे।
डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा और सीडीओ अभिनव शाह के साथ हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। अधिकारियों ने वर्षवार भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल में आयोजित नर्सिंग दिवस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेजों में नई नर्सिंग सेवा नियमावली जल्द लागू करने और नर्सिंग स्टाफ के लिए हॉस्टल निर्माण का आश्वासन दिया।
