देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों के दौरान खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है। आंधी-तूफान, बिजली गिरने और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी घटनाओं में पूरे राज्य में 18 लोगों की जान चली गई है। इस बीच चारधाम और आदि कैलाश यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम बड़ी चुनौती बन गया है।
सबसे दर्दनाक घटना रुद्रप्रयाग जिले के तुंगनाथ-चोपटा क्षेत्र में हुई, जहां अचानक आए भीषण तूफान की चपेट में आकर लखनऊ के दो सगे भाइयों, अभिषेक और अभिनव वाजपेयी की मौत हो गई। मौसम में अचानक बदलाव और तेज हवाओं के कारण कई पर्यटक फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य राहत एजेंसियों ने बचाव अभियान चलाया। चंद्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोग घायल भी हुए हैं।
यमुनोत्री धाम मार्ग पर मध्य प्रदेश निवासी 61 वर्षीय हरिमोहन की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में यमुनोत्री मार्ग पर मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। वहीं, गुजरात के राजकोट निवासी 76 वर्षीय मनसुख गिरी की आदि कैलाश यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई।
राज्य की पहाड़ी सड़कों पर भी हादसों का सिलसिला जारी है। पिछले दो दिनों में चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और टिहरी जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में 10 लोगों की जान गई है। चमोली के देवाल क्षेत्र में एक एंबुलेंस के खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि गंगोत्री हाईवे पर वाहन दुर्घटना में महाराष्ट्र के दो बुजुर्ग पर्यटकों की जान चली गई।
उधर, पौड़ी जिले में जंगल की आग बुझाने के दौरान वन विभाग के एक कर्मचारी की भी मौत हो गई। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम और दुर्गम हिमालयी मार्गों के कारण तीर्थयात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
