देहरादून। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई माह के बिजली बिल में अतिरिक्त भुगतान करना होगा। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत बिजली बिलों में सरचार्ज लागू किया है। यह सरचार्ज बिजली उत्पादन और खरीद लागत में हुए बदलाव के आधार पर लगाया जाता है और इसकी दरें विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के अनुसार निर्धारित की गई हैं।
यूपीसीएल के अनुसार एफपीपीसीए कोई स्थायी टैरिफ वृद्धि नहीं है, बल्कि यह विद्युत नियामक आयोग के नियमों के तहत लागू होने वाला मासिक समायोजन है। जब बिजली खरीद की वास्तविक लागत स्वीकृत लागत से अधिक होती है, तो अंतर की राशि उपभोक्ताओं के बिल में सरचार्ज के रूप में जोड़ी जाती है। वहीं, यदि खरीद लागत कम रहती है तो उपभोक्ताओं को राहत भी दी जाती है।
नए सरचार्ज का असर घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक तथा अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हालांकि प्रत्येक श्रेणी के लिए लागू दर अलग-अलग होगी। यूपीसीएल का कहना है कि यह व्यवस्था बिजली खरीद की वास्तविक लागत को संतुलित करने और निगम की वित्तीय स्थिति को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि एफपीपीसीए की व्यवस्था के कारण बिजली खरीद लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं के बिल पर पड़ता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली की बचत पर विशेष ध्यान दें ताकि बढ़े हुए सरचार्ज का असर कम हो सके।
यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त शुल्क नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप लागू किया गया है और इसकी दरें समय-समय पर बिजली खरीद लागत के अनुसार बदलती रहेंगी। निगम ने उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा करने और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अपने निकटतम बिजली कार्यालय या आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करने की अपील की है।
