रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर एक बार फिर केदारनाथ यात्रा पर देखने को मिला। गौरीकुंड से आगे केदारनाथ पैदल मार्ग पर दो से तीन स्थानों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण यात्रा अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आवाजाही रोक दी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। राहत एवं बचाव दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मार्ग को खोलने का कार्य शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। गौरीकुंड से आगे ट्रैक पर अचानक चट्टानों और मलबे के गिरने से पैदल मार्ग कई जगह अवरुद्ध हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से शुरू किया गया ताकि यात्रा को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से बहाल किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन लगातार मार्ग की निगरानी कर रहा है और मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें।
मौसम विभाग ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा को सामान्य रूप से संचालित किया जाएगा।
