देहरादून। देहरादून में धोखाधड़ी और कानून व्यवस्था से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला एक फौजी की जमीन से जुड़ा है, जिसमें हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा हड़पने का आरोप है।
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल और वर्तमान में पठानकोट (पंजाब) में तैनात जवान नितेश कोटनाला ने एसएसपी देहरादून को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने 5 जून 2017 को शिमला बाईपास रोड स्थित रतनपुर निवासी मनमोहन जुयाल से शीशमबाड़ा में 125.46 वर्गमीटर जमीन खरीदी थी।
बाद में पता चला कि उक्त जमीन का अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के लिए किया जा चुका है और उसका मुआवजा मुकेश नामक व्यक्ति ले चुका है। जांच में राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मनमोहन जुयाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दूसरे मामले में बल्लीवाला चौक पर वाहन चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट और दस्तावेजों के पकड़े गए दो युवकों को पुलिस पर दबाव बनाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। एसओ बसंत विहार अशोक राठौर के अनुसार, युवकों ने चालान से बचने के लिए पुलिस का भ्रामक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी।
विधिक आदेशों की अवहेलना पर धारा 172 बीएनएसएस के तहत दोनों को रातभर हवालात में रखा गया और वाहन सीज कर दिया गया। आरोपियों की पहचान फिरोज खान (कोटद्वार, पौड़ी) और अशरफ अहमद (चंदौसी, मुरादाबाद) के रूप में हुई है।
तीसरे मामले में नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक युवक से विदेश में मर्चेंट नेवी की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। एसओ नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार ने बताया कि नवादा निवासी विपेंद्र सिंह की शिकायत पर कथित शिप मैनेजमेंट कंपनी चलाने वाले एक दंपति समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
