देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश के लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। जल्द ही श्रमिकों को पांच साल के बजाय मात्र एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी दी जाएगी।

यह बदलाव केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा को राज्य में लागू करने के बाद किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इन संहिताओं को पिछले वर्ष अपनाया था और अब इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमावली तैयार की जा रही है।

श्रम विभाग ने औद्योगिक संबंध संहिता नियमावली 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिस पर 30 मई तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इससे पहले मजदूरी संहिता नियमावली का ड्राफ्ट 18 मार्च 2026 को जारी किया गया था, जिसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। अन्य दो संहिताओं की नियमावली भी जल्द सार्वजनिक की जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी श्रमिकों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन तय होगा और वेतन भुगतान डिजिटल माध्यम से समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों और गिग वर्कर्स को भी पीएफ और बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा, महिला श्रमिकों को उनकी सहमति से रात्रि पाली में काम करने की अनुमति होगी, बशर्ते नियोक्ता उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। नई संहिताओं के तहत मूल वेतन को कुल वेतन का 50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जिससे श्रमिकों के पीएफ और ग्रेच्युटी फंड में वृद्धि होगी।