उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी, चमोली और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़कें बाधित हो गई हैं। सबसे अधिक असर यमुनोत्री हाईवे पर पड़ा है, जहां स्यानाचट्टी समेत कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग-सिमली मार्ग पर भी भारी बोल्डर गिरने से आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं नारायणबगड़ के थरालीबगड़ बाजार में मलबा घुसने से कई दुकानों और सरकारी राशन गोदाम को नुकसान पहुंचा। हाईवे पर मलबा और जलभराव के कारण यातायात बाधित रहा। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने सुबह मलबा हटाकर मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु कराया।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव संसाधन पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।
बारिश के खतरे को देखते हुए देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, टिहरी सहित अधिकांश जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
