अल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र में ऊर्जा निगम के आउटसोर्स लाइनमैन बलवंत सिंह की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। शनिवार को ग्रामीणों ने शशिखाल बिजलीघर में शव रखकर करीब 11 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, पत्नी को नौकरी और अन्य सुविधाएं देने की मांग की। अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से आर्थिक मदद का आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब छह बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।

बताया गया कि ग्राम पंचायत मुनढ़ा निवासी बलवंत सिंह करीब 20 वर्षों से ऊर्जा निगम में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर लाइनमैन का काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले लॉपिंग के दौरान उनके पैर में चोट लग गई थी। इसके बाद चोट में संक्रमण फैलने से उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनका समुचित इलाज कराने में परेशानी हुई। शुक्रवार को उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद ग्रामीण शव लेकर शशिखाल स्थित 33/11 केवी बिजलीघर पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि मृतक ने ठेकेदार से वेतन और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन समय पर वेतन और ईएसआई कार्ड नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की मांग रखी।

सूचना मिलने पर पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रभारी अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे और तहसीलदार आबिद अली ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। बाद में अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र सिंह कंवर भी मौके पर पहुंचे और परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

काफी देर तक चली वार्ता के बाद अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से अधिकतम संभव आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मृतक के चाचा दौलत सिंह की सहमति से ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और शाम करीब छह बजे शव को बिजलीघर से उठाया गया।