हल्द्वानी। एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद संगठन के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। धीरज बिष्ट को अध्यक्ष पद का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद आर्यन बेलवाल के समर्थकों ने नाराजगी जताई है।
एबीवीपी के प्रांत मंत्री यशवंत पवार ने धीरज बिष्ट को अध्यक्ष पद का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। अध्यक्ष पद के लिए धीरज बिष्ट और आर्यन बेलवाल दोनों दावेदारी कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद शनिवार देर शाम आर्यन बेलवाल के आवास पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता जुटे। इस दौरान कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि आर्यन बेलवाल लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं, जबकि धीरज बिष्ट करीब छह महीने पहले संगठन से जुड़े हैं। इसी आधार पर कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण पर सवाल उठाए और आर्यन को प्रत्याशी बनाने की मांग की। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय नहीं बदला गया तो वे आर्यन बेलवाल को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ाएंगे। आर्यन बेलवाल ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।
वहीं, छात्रसंघ चुनाव को लेकर एनएसयूआई की ओर से मेहुल साह को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव में एबीवीपी के अधिकृत प्रत्याशी धीरज बिष्ट, एनएसयूआई के मेहुल साह और निर्दलीय आर्यन बेलवाल के बीच मुकाबला होने की स्थिति बन रही है।
इस बीच छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने के कारण एबीवीपी और एनएसयूआई ने अन्य पदों पर अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। आरक्षण को लेकर भी छात्र संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
एबीवीपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश भट्ट ने कहा कि प्रत्याशी चयन का निर्णय विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी को बातचीत के जरिए दूर कर लिया जाएगा।
