देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ती बिजली मांग, खासकर शाम के पीक आवर के दौरान, अब तकनीकी समाधान की ओर बढ़ रही है। यूजेवीएनएल पहली बार राज्य में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बीईएसएस स्थापित करने जा रहा है, जिससे 120 मेगावाट बिजली पीक समय में उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके लिए निगम ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
अब तक यूजेवीएनएल द्वारा उत्पादित बिजली सीधे ग्रिड में जाती रही है, जिससे दिन के समय कम मांग और शाम को अधिक मांग के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहा। यूपीसीएल को इस अंतर को पूरा करने के लिए अक्सर बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ती थी।
नई योजना के तहत यूजेवीएनएल दिन के समय अतिरिक्त बिजली को स्टोर करेगा और शाम के पीक आवर में यूपीसीएल को आपूर्ति करेगा। इसके लिए चीला पावर हाउस में 75 मेगावाट, ढकरानी, तिलोथ और खटीमा में 15-15 मेगावाट क्षमता के बीईएसएस लगाए जाएंगे।
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल से बिजली आपूर्ति अधिक संतुलित और किफायती बनेगी। वहीं, यूपीसीएल भी भविष्य में अपने बिजलीघरों पर बीईएसएस सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है, जिससे अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर जरूरत के समय उपयोग किया जा सके।
यह पहल न केवल बिजली संकट को कम करेगी, बल्कि राज्य में ऊर्जा प्रबंधन को भी अधिक स्मार्ट और प्रभावी बनाएगी।
