देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि प्री-एसआईआर के दौरान 4.53 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद अब 8.39 लाख और मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की तैयारी की जा रही है। इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, जिनके नाम दोहरी प्रविष्टि में दर्ज हैं या जो सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, एक जुलाई 2026 को आधार तिथि मानते हुए आठ जून से सात जुलाई तक गणना प्रपत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के कुल 79.60 लाख मतदाताओं में से 70.98 लाख से अधिक मतदाताओं के प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा। इस सूची में सत्यापन के दौरान अनुपलब्ध या अपुष्ट पाए गए मतदाताओं के नाम अलग रखे जाएंगे। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि उनके निस्तारण की प्रक्रिया 11 सितंबर तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की है, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी की जा सके।