नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा स्थित पिपलिया मोड़ के चर्चित कुलसुम खान फार्म पर कथित जबरन कब्जे के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित एसडीएम और थाना प्रभारी (एसएचओ) को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सिविल कोर्ट के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता सिकंदर आलम खान ने आरोप लगाया कि उनकी बुआ कुलसुम खान की मृत्यु के बाद उनकी वसीयत के आधार पर संपत्ति पर उनका अधिकार है। इसके बावजूद प्रशासन की कथित मिलीभगत से दूसरे पक्ष ने फार्म पर कब्जा कर लिया। याचिका में यह भी कहा गया कि फार्म में मौजूद महिलाओं, बच्चों और पशुओं की सुरक्षा प्रभावित हुई तथा पुरुषों को बाहर निकाल दिया गया।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सिविल कोर्ट ने 11 जून को संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए।

इस बीच करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य के बताए जा रहे इस फार्म को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।