देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की आशंका जताई गई है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 8.41 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके गणना प्रपत्र जमा न होने के कारण उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।

सबसे अधिक प्रभावित विधानसभा सीट काशीपुर है, जहां लगभग 30,029 मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में हैं। इसके बाद बाजपुर, धर्मपुर, ऋषिकेश, किच्छा, रायपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, सहसपुर और डोईवाला का स्थान है। इन 10 सीटों में वर्तमान में सात सीटें भाजपा और तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं, जिससे आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।

चुनाव आयोग के अनुसार, सात जुलाई तक एसआईआर फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी, जिसमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लीकेट या अनुपस्थित पाए गए मतदाताओं के नाम अलग सूची में शामिल किए जाएंगे। इसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

राजनीतिक दलों को भी प्रभावित मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। ऐसे में इन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन और नाम सुरक्षित रखने की प्रक्रिया राजनीतिक दलों और मतदाताओं, दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।