देहरादून। ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ई-रिक्शा चालकों की शिकायतों के बाद उन मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से बंद किया जा रहा था। इस समस्या को लेकर चालकों ने लगातार विरोध दर्ज कराया था और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
सरकार ने संबंधित विभागों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स का दुरुपयोग कर ई-रिक्शा की बैटरी को लॉक या वाहन को बंद किया जा सकता है, जिससे सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसके बाद संबंधित मोबाइल ऐप्स को हटाने और उनके दुरुपयोग पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ई-रिक्शा चालकों का कहना था कि चलते वाहन के अचानक बंद होने से यात्रियों और चालक दोनों की जान जोखिम में पड़ रही थी। कई मामलों में चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। सरकार की इस कार्रवाई से चालकों ने राहत की उम्मीद जताई है और इसे उनकी सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू किए जाएंगे। साथ ही संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
