नैनीताल। उत्तराखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। स्वास्थ्य सेवाओं पर इन तबादलों के प्रभाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि किन परिस्थितियों में इतने बड़े स्तर पर स्थानांतरण किए गए और इससे दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।

याचिका में कहा गया है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के तबादलों के कारण कई जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में हुए स्थानांतरण से मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए और पूछा कि तबादलों के दौरान जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि जिन अस्पतालों से विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कैसे की जाएगी।

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार की तिथि निर्धारित की है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अदालत के आगामी निर्देश राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और स्थानांतरण नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।