हरिद्वार। उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार सुबह हरकी पैड़ी से विशेष कांवड़ यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने भारत को वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने और देश को खेल महाशक्ति बनाने के संकल्प के साथ गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की। यह यात्रा हरिद्वार से ऋषिकेश स्थित वीरभद्र मंदिर तक करीब 22 किलोमीटर की है।
यात्रा शुरू करने से पहले रेखा आर्या ने हरकी पैड़ी पर मां गंगा का विधि-विधान से पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने कांवड़ उठाई और जयघोष के बीच पैदल ऋषिकेश के लिए रवाना हुईं। यात्रा में कई खेल प्रेमी और अन्य लोग भी शामिल हुए।
रेखा आर्या के अनुसार, इस यात्रा के पीछे उनके दो प्रमुख संकल्प हैं। पहला, भारत को 2036 ओलंपिक खेलों की सफल मेजबानी का अवसर मिले और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो। दूसरा, भारत खेलों के क्षेत्र में विश्व की प्रमुख खेल शक्तियों में शामिल हो। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान शिव के आशीर्वाद से दोनों संकल्प पूरे होंगे।
यात्रा के दौरान संत समाज का भी सानिध्य रहा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी महाराज समेत कई संत मौजूद रहे। संतों ने रेखा आर्या के संकल्प की सराहना करते हुए इसे खेल और राष्ट्रसेवा से जुड़ा संदेश बताया।
यात्रा के अंतिम पड़ाव पर ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में रेखा आर्या भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगी। गौरतलब है कि रेखा आर्या पिछले वर्ष भी हरकी पैड़ी से वीरभद्र मंदिर तक पैदल कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। उस दौरान उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस बार उनकी कांवड़ यात्रा का केंद्र देश की खेल महत्वाकांक्षा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी है।
