देहरादून। उत्तराखंड में पलायन की समस्या को रोकने और पहाड़ों से बाहर गए लोगों को वापस गांवों की ओर लाने के लिए भाजपा ने रिवर्स माइग्रेशन को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी की ओर से इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बड़े स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा की ओर से ऋषिकेश और हल्द्वानी में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश से होने वाले पलायन को रोकने के साथ-साथ रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
उत्तराखंड लंबे समय से पलायन की चुनौती से जूझ रहा है। रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्रों से मैदानी इलाकों और दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते रहे हैं। ऐसे में गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध कराना रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की विकास योजनाओं में भी रिवर्स माइग्रेशन को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। पर्यटन, होम स्टे, बागवानी, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। सीमांत और पहाड़ी गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी पलायन रोकने की रणनीति का हिस्सा बनाया गया है।
भाजपा के प्रस्तावित सम्मेलनों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी संगठन इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं, प्रवासियों और ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगा। रिवर्स माइग्रेशन के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को भी सामने रखा जाएगा।
पार्टी का जोर इस बात पर है कि उत्तराखंड के गांव केवल पलायन की समस्या से मुक्त ही न हों, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के नए केंद्र बनें।
