देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि वह अगले विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर मैदान में नहीं उतरेंगे। रावत ने कहा कि उनके सहयोगी और समर्थक भी अब नहीं चाहते कि वह चुनाव लड़ें। हालांकि, पार्टी संगठन की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे।

78 वर्षीय रावत ने  बातचीत में कहा कि उत्तराखंड इस बार बदलाव के लिए तैयार है और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीत हासिल करेगी। उन्होंने बताया कि 2022 में भी वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों के चलते उन्हें मैदान में उतरना पड़ा था। अब वह चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं।

मुख्यमंत्री पद की दावेदारी और चुनाव से पहले सीएम चेहरा घोषित किए जाने के सवाल पर रावत ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में ‘पंचमुखी नेतृत्व’ है और मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव में कांग्रेस की जीत होने पर मुख्यमंत्री पद को लेकर हाईकमान का निर्णय ही सर्वोपरि होगा और प्रदेश कांग्रेस हमेशा की तरह उसे स्वीकार करेगी।

पार्टी में अपनी उपेक्षा की चर्चाओं को खारिज करते हुए रावत ने कहा कि वह 58 वर्षों से कांग्रेस में हैं और आगे भी पार्टी के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि उम्र के साथ जिम्मेदारियां बदलती हैं, लेकिन वह संगठन द्वारा दी गई हर भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

‘वंदे मातरम्’ विवाद पर रावत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्य समिति द्वारा लिया गया फैसला महत्वपूर्ण था। वहीं, राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर उन्होंने इसे चंदे और चढ़ावे की लूट बताया और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।