चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के औली में भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ का 22वां संस्करण शुरू हो गया है। मंगलवार को औली स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में अभ्यास का उद्घाटन हुआ। इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के जवानों ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और सैन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इस सैन्य अभ्यास में भारत और अमेरिका की ओर से करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त सैन्य अभियानों को अंजाम देने की क्षमता को मजबूत करना है। विशेष रूप से पैदल सेना आधारित अभियानों, संयुक्त योजना और दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में ऑपरेशनल तकनीकों, रणनीतियों और युद्धकौशल का आदान-प्रदान करेंगे। साथ ही संयुक्त अभियानों की योजना बनाने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक-दूसरे के साथ मिलकर अभियान चलाने की क्षमता को बढ़ाने पर जोर रहेगा।
इस बार अभ्यास में आधुनिक तकनीक को भी प्रमुखता दी गई है। निगरानी और टोही अभियानों के लिए ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा विशेषज्ञ आधुनिक तकनीक और मल्टी-डोमेन युद्धकौशल से जुड़े विषयों पर भी अनुभव साझा करेंगे।
‘युद्ध अभ्यास-2026’ का आयोजन केवल औली तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी सैन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जहां आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस संयुक्त अभ्यास के जरिए दोनों देशों की सेनाओं को अलग-अलग परिस्थितियों में साथ काम करने और आधुनिक युद्ध तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
