देहरादून। उत्तराखंड के खेल विभाग से जुड़ा खिलाड़ियों का डेटा चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग की वेबसाइट और उससे जुड़े डिजिटल सिस्टम का संचालन करने वाली सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ने खिलाड़ियों से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा को अनधिकृत तरीके से अपने कब्जे में लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए खेल विभाग की ओर से कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, खेल विभाग की ऑनलाइन सेवाओं और वेबसाइट के संचालन की जिम्मेदारी एक बाहरी कंपनी को दी गई थी। इसी दौरान खिलाड़ियों से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी तक कंपनी की पहुंच होने का आरोप सामने आया। विभाग को आशंका है कि इस डेटा का इस्तेमाल निर्धारित कार्य के अलावा अन्य उद्देश्य के लिए किया गया।
मामला सामने आने के बाद विभाग ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कराई। जांच में डिजिटल सिस्टम, वेबसाइट की पहुंच और कंपनी को उपलब्ध कराए गए अधिकारों से संबंधित पहलुओं को देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों का व्यक्तिगत और खेल संबंधी डेटा बेहद संवेदनशील है। इसकी सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर विषय है।
इससे पहले खेल विभाग की वेबसाइट के अचानक बंद होने का मामला भी सामने आया था। वेबसाइट तक पहुंच बाधित होने के बाद विभाग की ओर से दिल्ली की एक आईटी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इससे विभाग की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि खिलाड़ियों का कितना डेटा प्रभावित हुआ और उसे किस तरह इस्तेमाल या स्थानांतरित किया गया। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेल विभाग ने डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, ताकि भविष्य में खिलाड़ियों की निजी जानकारी और विभागीय डेटा के अनधिकृत इस्तेमाल को रोका जा सके।
