देहरादून। उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर की धीमी रफ्तार पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह समीक्षा गुरुवार को सचिवालय में यूआईआईडीबी की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में की गई।

बैठक में शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर की प्रगति पर चर्चा के दौरान सामने आया कि कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी ने करीब दस माह में परियोजना का केवल 10 प्रतिशत काम पूरा किया है। इस पर मुख्य सचिव ने असंतोष जताते हुए परियोजना के लिए एक डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही हो, ताकि मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके और निर्माण कार्य की लगातार निगरानी हो।

सभी परियोजनाओं के लिए बनेगा PERT चार्ट

मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी की सभी परियोजनाओं के लिए निर्धारित समयसीमा के साथ PERT चार्ट तैयार करने को कहा। आगे होने वाली बैठकों में इसी के आधार पर परियोजनावार प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिन परियोजनाओं में तय समय के अनुरूप काम नहीं हो रहा है, वहां देरी के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुंभ से जुड़े कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश

बैठक में कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया। सती कुंड से जुड़े कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और शिफ्ट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने निर्माण की गति के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

इसके अलावा रिवर राफ्टिंग परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए अगले पांच वर्षों की समर्पित टीम विकसित करने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए अलग-अलग इकाइयां बनाने को कहा गया।

बैठक में पार्किंग परियोजनाओं और वित्तीय निगरानी पर भी चर्चा हुई। नए पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी और मेलाधिकारी से लिखित एनओसी लेने तथा परियोजनाओं की वित्तीय निगरानी के लिए फाइनेंशियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।