देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब निर्वाचन विभाग ने अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। पहले इसके प्रकाशन की तारीख 15 सितंबर तय की गई थी, लेकिन पांच जिलों के मतदाताओं के उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से सत्यापन के चलते कार्यक्रम में बदलाव किया गया।
निर्वाचन विभाग के अनुसार SIR के तहत मतदाता सूची में नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच की गई। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मतदाताओं को निर्धारित समय दिया गया था। यह प्रक्रिया 28 सितंबर की रात 12 बजे तक पूरी कर ली गई। इसके बाद मतदाता सूची से संबंधित डाटा को फ्रीज कर दिया गया है। अब इसी अंतिम डाटा के आधार पर 3 अक्टूबर को नई सूची जारी की जाएगी।
SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1.73 लाख फॉर्म-7 आवेदन मिले, जिनमें 95 हजार से अधिक मामलों को निर्धारित प्रक्रिया में अयोग्य श्रेणी में रखा गया। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अयोग्य श्रेणी में रखे जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो गया है। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद पात्र व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
वहीं, नाम, पता या अन्य विवरणों में संशोधन के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन आए। करीब 64 हजार फॉर्म-8 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें लगभग 49 हजार स्वीकार किए जा चुके हैं, जबकि कुछ आवेदन लंबित और कुछ निरस्त किए गए हैं।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और आवश्यक संशोधन कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने का अवसर मिलेगा। 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद राज्य में मतदाताओं की वास्तविक संख्या और सूची में हुए बदलावों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।
