देहरादून। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क लेने की व्यवस्था इस साल लागू नहीं हो पाएगी। चारधाम यात्रा के दौरान वीआईपी यात्रियों से शुल्क लेने की प्रस्तावित व्यवस्था को फिलहाल टाल दिया गया है। अब इसे अगले यात्रा वर्ष से लागू करने की तैयारी है।

सरकार और संबंधित विभागों की ओर से इस व्यवस्था को लागू करने को लेकर चर्चा की गई थी। इसका उद्देश्य वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना और इससे संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करना था। हालांकि, इस साल यात्रा व्यवस्था में इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों के दर्शन को लेकर मंदिर प्रशासन को अलग व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के जरिए इन व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की योजना थी।

अब संबंधित विभाग अगले यात्रा वर्ष के लिए इसकी तैयारियों और नियमों को अंतिम रूप देने पर काम करेंगे। इसमें शुल्क की राशि, भुगतान की प्रक्रिया, वीआईपी दर्शन की श्रेणियां और व्यवस्था से जुड़े अन्य प्रावधान तय किए जा सकते हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिरों में भीड़ प्रबंधन सरकार के लिए अहम मुद्दा रहता है। ऐसे में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी लगातार बदलाव किए जाते रहे हैं। शुल्क व्यवस्था लागू होने से सामान्य श्रद्धालुओं की यात्रा और दर्शन व्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे भी ध्यान में रखा जाएगा।

फिलहाल बदरीनाथ और केदारनाथ में वीआईपी दर्शन शुल्क की व्यवस्था इस वर्ष लागू नहीं होगी। सरकार की योजना अब इसे अगले साल से लागू करने की है।

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