हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में पीजी डॉक्टरों ने रविवार को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया। डॉक्टरों के विरोध के चलते अस्पताल में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। डॉक्टरों के विरोध और पुलिस की मौजूदगी के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।

पीजी डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने ओपीडी में सेवाएं देने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों के ओपीडी से अलग रहने के कारण अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी हुई। कई मरीजों को डॉक्टरों से परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा।

बताया गया कि विरोध के दौरान अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और अन्य पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया और अस्पताल की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।

पीजी डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन और संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं निकल पाया है। इसी के चलते डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है।

इससे पहले भी उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के आंदोलन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। स्टाइपेंड से जुड़ी मांगों को लेकर पीजी छात्रों, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस इंटर्न ने ओपीडी और वार्ड सेवाओं का बहिष्कार किया था, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई थीं।

एसटीएच में पीजी डॉक्टरों के ओपीडी बहिष्कार के बाद अब अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के बीच वार्ता तथा समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।