पिथौरागढ़। उत्तराखंड में मानसून की बारिश एक बार फिर पहाड़ों के लिए मुसीबत बन गई है। पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण धारचूला-लिपुलेख मार्ग पर कुलागाड़ में बना बैली पुल बह गया। पुल के बहने से दारमा, चौदास और व्यास घाटी का संपर्क धारचूला तहसील मुख्यालय से कट गया है। यह एक महीने के भीतर दूसरी बार है, जब इस क्षेत्र में पुल बहने से ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हुआ है।

बताया गया कि ऊंचाई वाले इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद कुलागाड़ नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से करीब 170 फीट लंबा बैली पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया। पुल के टूटने से सीमांत क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के लिए राशन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।

इस घटना से दारमा, चौदास और व्यास घाटियों के कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। क्षतिग्रस्त संपर्क को बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और नए पुल के निर्माण की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

वहीं, मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

लगातार मौसम खराब रहने से सीमांत इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील मार्गों के पास जाने से बचने तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।