नियुक्ति और कैबिनेट कमेटी गठन की मांग पर मुख्यमंत्री ने दिया जल्द कार्रवाई का आश्वासन
देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी नियुक्ति प्रकरण को लेकर आंदोलन कर रहे तीन आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद आज प्रस्तावित आत्मघाती कदम वापस ले लिया। सात दिन का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद प्रशासन स्तर पर हुई वार्ता विफल रहने से नाराज राम किशन, सुनीता ठाकुर और प्रशांत तड़ियाल ने देहरादून स्थित शहीद स्मारक में खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार, थाना प्रभारी और एलआईयू अधिकारियों ने कई बार उनसे कमरा खोलने का आग्रह किया, लेकिन आंदोलनकारियों ने कमरा नहीं खोला। उन्होंने अपनी मांगें पूरी न होने पर आत्मघाती कदम उठाने की बात कही।
इसके बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार दलबीर दानू ने फोन पर आंदोलनकारियों से वार्ता कर उन्हें मुलाकात के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद आंदोलनकारी कमरे से बाहर आए और मंच संयोजक अम्बुज शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों ने नियुक्ति की मांग और कैबिनेट कमेटी के गठन को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने आगामी सात दिनों में कैबिनेट कमेटी गठित करने की मांग रखी। सलाहकार दलबीर दानू ने मामले के समाधान का आश्वासन देते हुए आंदोलनकारियों को गुरुवार को सचिवालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया।
आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने आज उठाए जाने वाले आत्मघाती कदम को वापस ले लिया। संयुक्त मंच ने आगामी रणनीति तय करने के लिए गुरुवार को शहीद स्मारक में आवश्यक बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में अम्बुज शर्मा, राम किशन, सुनीता ठाकुर, नवीन नैथानी, शैलेश सेमवाल, मोहन चंद्र शर्मा और प्रशांत तड़ियाल शामिल रहे।
