रिपोर्टर – राजेश सरकार

काशीपुर। गोल्ड लोन लेकर बैंक में गहने गिरवी रखना सुरक्षित विकल्प माना जाता है, लेकिन बैंक की लापरवाही से ग्राहक के आभूषण चोरी हो जाएं तो उसकी जिम्मेदारी भी बैंक की होगी। जिला उपभोक्ता आयोग, ऊधमसिंह नगर ने ऐसे ही मामले में यूको बैंक को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने बैंक को 94.640 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण 45 दिन के भीतर ग्राहक को लौटाने के आदेश दिए हैं।

मामला जसपुर निवासी पंकज कुमार का है। उन्होंने व्यक्तिगत जरूरत के लिए यूको बैंक की जसपुर शाखा से गोल्ड लोन लिया था। इसके लिए उन्होंने 94.640 ग्राम सोने के आभूषण बैंक में गिरवी रखकर करीब दो लाख रुपये का ऋण लिया। पंकज के अनुसार उन्होंने जनवरी 2019 में ब्याज समेत कुल 2,31,450 रुपये बैंक को चुका दिए थे। इसके बाद भी उनके गहने बैंक के पास ही रहे।

वर्ष 2023 में जब उन्होंने आभूषण वापस मांगे तो बैंक की ओर से उन्हें बताया गया कि गहने चोरी हो चुके हैं। बैंक के अनुसार 11 जुलाई 2018 को शाखा में कार्यरत चपरासी दुश्यंत कुमार ने गहनों की चोरी की थी। घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था।

गहने वापस नहीं मिलने पर पंकज कुमार ने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चंद्र चंदौला और सदस्या डॉ. मनीला ने माना कि बैंक की अभिरक्षा में रखे आभूषणों की सुरक्षा बैंक की जिम्मेदारी थी।

आयोग ने आदेश दिया कि यदि गहने बैंक को वापस मिल चुके हैं तो उन्हें 45 दिन में उसी स्थिति में ग्राहक को लौटाया जाए। यदि गहने उपलब्ध नहीं हैं तो बैंक को 31 जनवरी 2019 की बाजार कीमत के आधार पर राशि का भुगतान करना होगा। इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा ग्राहक को मानसिक क्षति के लिए 5 हजार और वाद व्यय के लिए 2 हजार रुपये देने के आदेश दिए गए हैं।

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