पौड़ी। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के नेता और पत्रकार आशुतोष नेगी एक बार फिर विवादों में हैं। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और बयानों को लेकर पौड़ी पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ सामग्री को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
आशुतोष नेगी ने सरकार और मुख्यमंत्री धामी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
आशुतोष नेगी पहले भी उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सक्रिय रहे हैं। वे इस मामले में लगातार सवाल उठाते रहे हैं और पत्रकार के तौर पर मामले की रिपोर्टिंग भी करते रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्हें पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया था। उस समय भी उनकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी विवाद हुआ था।
वर्तमान मामले को लेकर UKD नेताओं और समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी बयान या पोस्ट को लेकर कार्रवाई करने से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर जांच की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तराखंड में सोशल मीडिया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर बहस तेज कर दी है।
