नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में अस्पतालों, मंदिरों और स्कूलों के निकट संचालित शराब की दुकानों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर आबकारी नियमों की अनदेखी करते हुए संवेदनशील स्थानों के आसपास शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के निकट शराब की दुकानों का संचालन जनहित के विपरीत है। इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है और नियमों के पालन पर भी सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि शराब की दुकानों के आवंटन और संचालन में निर्धारित मानकों का किस प्रकार पालन किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि वह इस मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करे और बताए कि किन मानकों के आधार पर दुकानों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। साथ ही यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया गया है तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है।

मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास संचालित शराब की दुकानों के संबंध में सरकार क्या रुख अपनाती है और भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे।