नैनीताल। 21 वर्ष से कम आयु में विवाह करने वाले एक दंपति की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। दंपति ने परिवार से जान का खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह किया है, लेकिन इसके बाद परिजनों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। इस पर अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई तक आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के दौरान विवाह की वैधानिक आयु से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह से संबंधित मामलों में कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य है और ऐसे मामलों में सभी तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा और जीवन के अधिकार की अनदेखी नहीं की जा सकती।

अब इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जिसमें राज्य सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह मामला कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विवाह की वैधानिक आयु और दंपति की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे जुड़े हुए हैं।