देहरादून। प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया 24 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद 25 अप्रैल से प्रगणक घर-घर जाकर विस्तृत सर्वेक्षण करेंगे। इस संबंध में जनगणना निदेशालय ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और प्रगणकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

निर्देशों के अनुसार, हॉस्टल, पीजी या किराये के मकानों में रहने वाले लोगों की गणना भवन के मालिक या बिल्डिंग मैनेजर के नाम से की जाएगी। ऐसे मामलों में केवल किरायेदारों की कुल संख्या दर्ज की जाएगी, जबकि व्यक्तिगत विवरण अलग से नहीं लिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी भवन में एक मकान मालिक और चार किरायेदार रहते हैं, तो गणना मकान मालिक के नाम से होगी और किरायेदारों की संख्या ही दर्ज की जाएगी।

प्रगणक हर भवन तक पहुंचकर उसका सूचीकरण करेंगे और निवासियों से कुल 33 सवाल पूछेंगे। सर्वे के दौरान यदि कोई मकान बंद मिलता है, तो प्रगणक पड़ोसियों से जानकारी जुटाएंगे। यदि मकान अस्थायी रूप से बंद होगा, तो प्रगणक दोबारा उस स्थान का दौरा करेंगे। वहीं, स्थायी रूप से बंद भवनों को रिकॉर्ड में सुरक्षित रूप से दर्ज किया जाएगा।

सुरक्षा और पारदर्शिता के मद्देनजर सभी प्रगणकों को क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए गए हैं। किसी भी घर में प्रवेश से पहले निवासी प्रगणक का आईडी कार्ड जांच सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित प्रगणक की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें, ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जा सकें।