भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में चल रहे विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार, 28 अक्टूबर को अनुपूरक बजट पारित किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के मौजूदा कार्यकाल के इस अंतिम विधानसभा सत्र में वित्तीय प्रस्तावों के साथ विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी। सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और भारत चौधरी से जुड़े सवाल भी उठाए जाएंगे।
सरकार की ओर से पेश किए गए अनुपूरक बजट का आकार 7,412 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। बजट को मंत्रिमंडल पहले ही मंजूरी दे चुका है। अब इसे सदन से पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
विधानसभा सत्र की शुरुआत मंगलवार, 27 अक्टूबर को हुई। सदन में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट सहित दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सरकार ने सदन में अनुपूरक बजट पेश किया। निधन संबंधी प्रस्तावों के कारण पहले दिन प्रश्नकाल नहीं रखा गया था।
दो दिवसीय सत्र के लिए पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, दूसरे दिन बजट पारित करने के साथ प्रश्नकाल आयोजित किया जाना है। इस दौरान विधायक विभिन्न विभागों के कामकाज, सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर मंत्रियों से सवाल पूछ सकेंगे।
रेखा आर्य और भारत चौधरी से जुड़े सवालों पर नजर
सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में मंत्री रेखा आर्य और भारत चौधरी से संबंधित सवालों को लेकर भी चर्चा है। प्रश्नकाल विधायकों के लिए अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विभागीय कामकाज से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। इससे सरकार को भी संबंधित विषयों पर अपना पक्ष रखने और जानकारी उपलब्ध कराने का मौका मिलता है।
सीमित अवधि के सत्र पर विपक्ष की नजर
इस बार विधानसभा सत्र केवल दो दिन का रखा गया है। कांग्रेस ने सत्र की अवधि और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दे रही है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी।
अब सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पारित होने और प्रश्नकाल में उठने वाले मुद्दों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
