News : उत्तराखंड सरकार के वित्त वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने इसके जरिए आमजन और कर्मचारियों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का कदम उठाया है।
एक तरफ जहां सरकार ने नागरिकों व सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुनिश्चित करने वाली योजनाओं हेतु 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पर्वतीय इलाकों की कठिन भौगोलिक स्थिति, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी और बेहतर इलाज के लिए महानगरों पर निर्भरता उत्तराखंड की पुरानी समस्याएं रही हैं। इस लिहाज से स्वास्थ्य सेक्टर के लिए बजट का यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है।
News : इलाज के आर्थिक बोझ से मुक्ति पर फोकस
नवीन अनुपूरक बजट के तहत ‘अटल आयुष्मान योजना’ के लिए 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों की ‘गोल्डन कार्ड योजना’ के वास्ते 125 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 225 करोड़ रुपये का फंड तय किया गया है, जिसका मुख्य मकसद पात्र लोगों को बिना नकद भुगतान के इलाज की सुविधा का सुचारू संचालन जारी रखना है।
ज्ञात हो कि अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। गंभीर बीमारियों के दौरान अस्पताल का भारी-भरकम खर्च कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट पैदा कर देता है। ऐसे में, इस योजना के लिए अतिरिक्त बजट मिलना परिवारों को इलाज के भारी वित्तीय दबाव से बचाने में मददगार साबित होगा। अनुपूरक बजट के इन प्रावधानों से साफ है कि सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा और चिकित्सा शिक्षा दोनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है।
Also Read : News : दीपावली से पहले उत्तराखंड के 95 हजार उपभोक्ताओं को झटका: गैस कनेक्शन लॉक और बुकिंग ठप
