देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य में अब तक 107 बिना मान्यता वाले मदरसों को बंद किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई हरिद्वार जिले में हुई है।

सरकार की ओर से यह कार्रवाई ऐसे संस्थानों के खिलाफ की जा रही है, जो निर्धारित नियमों और मान्यता संबंधी शर्तों का पालन नहीं कर रहे थे। जांच के दौरान जिन मदरसों के पास जरूरी दस्तावेज और मान्यता नहीं मिली, उनके संचालन पर रोक लगाई गई है।

इस कार्रवाई में हरिद्वार जिला सबसे आगे है। इसके अलावा देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल समेत अन्य जिलों में भी बिना मान्यता चल रहे मदरसों की जांच की गई है। अधिकारियों की ओर से संबंधित संस्थानों के दस्तावेजों और शैक्षणिक मानकों की जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है।

यह अभियान राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए लागू किए जा रहे नए नियमों के तहत चलाया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिक्षण संस्थान को निर्धारित मान्यता और नियमों का पालन किए बिना संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इससे पहले भी देहरादून और हल्द्वानी में कई बिना मान्यता वाले मदरसों को सील किया गया था। हालिया कार्रवाई के तहत राज्यभर में ऐसे संस्थानों की पहचान कर उनके संचालन को बंद कराया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि शिक्षण संस्थानों में निर्धारित शैक्षणिक मानकों और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों को लगातार निरीक्षण और जांच के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में भी बिना मान्यता संचालित होने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।