नैनीताल। जिले में निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों से नियमों के विपरीत अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने के मामले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई का असर दिखाई देने लगा है। जांच के बाद 46 निजी विद्यालयों ने अभिभावकों को अब तक 39 लाख 5 हजार 405 रुपये वापस किए हैं।

मामला शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत का है। निजी विद्यालयों की फीस और अन्य शुल्कों को लेकर अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने जिले के निजी विद्यालयों की फीस व्यवस्था की जांच की, जिसमें 87 स्कूलों में अतिरिक्त शुल्क वसूली की पुष्टि हुई।

जांच में ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, पंजीकरण शुल्क और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के नाम पर तय नियमों से अधिक राशि लिए जाने की शिकायतें सामने आईं। कुछ विद्यालयों में टीसी के लिए निर्धारित एक रुपये की जगह कई गुना अधिक राशि वसूले जाने का मामला भी सामने आया। कार्रवाई के बाद कई स्कूलों ने शुल्क में कटौती की है। आठ विद्यालयों ने ट्यूशन फीस कम की, जबकि 39 स्कूलों ने परीक्षा शुल्क घटाया है। 15 विद्यालयों ने पंजीकरण शुल्क कम किया या समाप्त किया।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विपरीत वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी शासन को भेजी जा सकती है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिली है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि स्कूलों द्वारा लिए जा रहे शुल्क की जानकारी रखें और किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत करें।