उत्तरकाशी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में खराब मौसम और बर्फबारी के कारण अलग-अलग स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए उत्तरकाशी में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। सोमवार सुबह छह बजे से हेली रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। तीन हेलिकॉप्टरों की मदद से अब तक 21 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निचले इलाकों तक पहुंचाना है।
जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में अलग-अलग ट्रेकिंग और पर्वतारोहण दलों के कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सहयोगी स्टाफ फंसे हुए हैं। इनमें 89 लोग हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन से जुड़े हैं, जबकि 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप और 29 लोग ऑडेन कोल पास बेस कैंप में मौजूद हैं। ये दल माउंट सुदर्शन, भागीरथी-2, जोगिन-1, शिवलिंग, सतोपंथ और श्रीकंठ समेत विभिन्न चोटियों के आरोहण के लिए गए थे।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार, सभी पर्वतारोहियों से सैटेलाइट संचार के माध्यम से लगातार संपर्क बना हुआ है और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है। मौसम में सुधार के बाद हेलिकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू में तेजी लाई गई है। प्रशासन ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने की तैयारी भी की है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की थी। उन्होंने सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। पहले आठ हेलिकॉप्टरों के माध्यम से अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी, जबकि सोमवार सुबह तीन हेलिकॉप्टरों से रेस्क्यू शुरू हुआ। मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेस्क्यू के बाद सभी पर्वतारोहियों की मेडिकल स्क्रीनिंग कराने की व्यवस्था की गई है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा गया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग और वन विभाग की टीमें भी अभियान में सहयोग कर रही हैं। प्रशासन की प्राथमिकता खराब मौसम के बीच सभी लोगों को सुरक्षित नीचे लाना है।
