चमोली। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। ऊंचाई वाले क्षेत्र हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने के बाद बर्फबारी का दौर जारी है। बर्फबारी के चलते धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सितंबर के अंतिम दिनों में हुई इस बर्फबारी से पहाड़ों में ठंड का असर बढ़ गया है। इससे पहले भी 17 सितंबर को हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई थी।

वहीं, उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 से 28 सितंबर तक प्रदेश में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 26 और 27 सितंबर को कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।

26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट, जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका जताई है। तेज बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने, अचानक बाढ़ और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी है। चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण और हेली सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है।

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