देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की ओर से बिजली दरों और राजस्व से जुड़ी करीब 5,900 करोड़ रुपये की मांग वाली याचिका पर आयोजित जनसुनवाई महज आधे घंटे में समाप्त हो गई। खास बात यह रही कि सुनवाई में आपत्ति दर्ज कराने के लिए केवल एक उद्यमी ही पहुंचा। यह जनसुनवाई विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आयोजित की गई थी।

UPCL ने अपनी याचिका में वित्तीय जरूरतों और बिजली व्यवस्था से जुड़े विभिन्न खर्चों के आधार पर बड़ी धनराशि की मांग रखी है। याचिका पर आम उपभोक्ताओं, उद्योगों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। इसके लिए सार्वजनिक सुनवाई का आयोजन किया गया था, ताकि प्रस्ताव पर पक्षकार अपनी बात आयोग के सामने रख सकें।

हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुई सुनवाई में अपेक्षा के अनुरूप लोगों की भागीदारी देखने को नहीं मिली। जनसुनवाई शुरू होने के करीब 30 मिनट के भीतर ही प्रक्रिया पूरी हो गई। आपत्ति दर्ज कराने वालों में केवल एक उद्यमी शामिल रहा, जिसने अपनी बात आयोग के सामने रखी।

अब नियामक आयोग UPCL की याचिका और सुनवाई के दौरान सामने आए सुझावों व आपत्तियों का परीक्षण करेगा। इसके बाद बिजली दरों और निगम की वित्तीय आवश्यकताओं से जुड़े प्रस्ताव पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

UPCL की इस याचिका को लेकर आने वाले दिनों में बिजली उपभोक्ताओं की नजर आयोग के फैसले पर रहेगी। खासतौर पर 5,900 करोड़ रुपये की मांग का असर बिजली व्यवस्था और संभावित टैरिफ पर किस तरह पड़ता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल जनसुनवाई पूरी होने के बाद आयोग की आगामी कार्रवाई का इंतजार है।