कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं लगातार परेशानी बढ़ा रही हैं। कर्णप्रयाग-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो गया, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग क्षेत्र में बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा खिसककर हाईवे पर आ गया। मलबा सड़क पर आने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे लोगों को मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ा।

भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी मशीनरी को मौके पर भेजा गया। कर्मचारियों ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क पर आए मलबे को हटाने का काम शुरू किया। लगातार मलबा गिरने और पहाड़ी क्षेत्र में मौसम खराब रहने के कारण सड़क साफ करने में दिक्कतें भी सामने आईं।

कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे चमोली जिले को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में हाईवे बाधित होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।

गौरतलब है कि बारिश के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र में हाईवे पर भूस्खलन की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इससे पहले पाडली के पास पहाड़ी का हिस्सा टूटकर हाईवे पर गिरने से करीब 300 से अधिक वाहन फंस गए थे। एनएच की मशीनों की मदद से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया था।

प्रशासन और एनएच की टीम लगातार मार्गों की निगरानी कर रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रियों से सावधानी बरतने और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की जा रही है।