ज्योतिर्मठ (चमोली)। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। पोस्ट मानसून के बाद पहाड़ों में बढ़ती ठंड के बीच बदरीनाथ से सतोपंथ जाने वाले मार्ग पर इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। बुधवार शाम मौसम में अचानक बदलाव के बाद सतोपंथ मार्ग के चक्रतीर्थ क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया।
बर्फबारी के बाद सतोपंथ क्षेत्र की हिमालयी चोटियां और आसपास का पूरा इलाका सफेद नजर आने लगा। चक्रतीर्थ में हुई बर्फबारी को इस वर्ष की पहली बर्फबारी बताया जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम बदलने के साथ तापमान में गिरावट का असर भी दिखाई देने लगा है।
मौसम में आए इस बदलाव के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने की संभावना है। सतोपंथ क्षेत्र में हुई बर्फबारी ने यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को भी और निखार दिया है। बर्फ से ढके पहाड़ और आसपास का सफेद परिदृश्य बेहद आकर्षक नजर आ रहा है।
पोस्ट मानसून के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है। इस दौरान ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी शुरू हो जाती है, जबकि निचले इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना रह सकता है। सतोपंथ क्षेत्र में हुई ताजा बर्फबारी इसी मौसमी बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
इससे पहले चमोली जिले के ही हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी सितंबर में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई थी। इसके बाद अब सतोपंथ मार्ग और चक्रतीर्थ में बर्फबारी होने से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मौसम के इस बदलाव के साथ सतोपंथ जैसे ऊंचाई वाले ट्रेकिंग मार्गों पर जाने वाले यात्रियों और ट्रेकर्स के लिए परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करना जरूरी माना जाता है।
