देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले के विरोध में सोमवार, 7 सितंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।

कांग्रेस का मार्च परेड ग्राउंड से शुरू होगा। पार्टी ने इसे बड़े प्रदर्शन के रूप में आयोजित करने की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस के साथ ही दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं के भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण अनुष्ठान कराया गया, जो सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

कांग्रेस इस मामले में कथित शुद्धिकरण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। साथ ही पार्टी हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि शुद्धिकरण मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।

यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद सामने आया था। इसके बाद कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर लगातार निशाना साधा। वहीं, भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि घटना का भाजपा से संबंध नहीं है।

इस बीच, 30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ भी इस विवाद से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर एफआईआर दर्ज हुई थी। इससे कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।