देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर अभी कम होता नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 108 सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल, चंपावत, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज से अति तेज दौर आने की संभावना है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बना हुआ है।
बारिश का असर प्रदेश की सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को भूस्खलन और अन्य कारणों से 108 सड़कें बंद रहीं। इनमें अल्मोड़ा की आठ, बागेश्वर की 11, चमोली की 16, चंपावत की एक, देहरादून की पांच और नैनीताल की 23 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा पौड़ी में छह, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में आठ, टिहरी में 10 और उत्तरकाशी में सात मार्ग बाधित हैं।
सड़कें बंद होने से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कें खोलने का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
